Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.68.44: [कौरवों ने कहा] : हे राम, हे राम, सबके आधार राम! हम तुम्हारी शक्ति के बारे में कुछ नहीं जानते। हम अज्ञानी हैं और बहकावे में आ गए थे, इसलिए कृपया हमारे अपराध को क्षमा कर दो। | bhagavat अध्याय 10.68: साम्ब का विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राम रामाखिलाधार प्रभावं न विदाम ते ।
मूढानां न: कुबुद्धीनां क्षन्तुमर्हस्यतिक्रमम् ॥ ४४ ॥
अनुवाद
[कौरवों ने कहा] : हे राम, हे राम, सबके आधार राम! हम तुम्हारी शक्ति के बारे में कुछ नहीं जानते। हम अज्ञानी हैं और बहकावे में आ गए थे, इसलिए कृपया हमारे अपराध को क्षमा कर दो।
[The Kauravas said] : O Rama, O Sarvadhar Rama, we do not know anything about your power. Please forgive our crime as we are ignorant and were misled.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥