Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 10.68.29: श्री बादरायणी ने कहा, हे भारत श्रेष्ठों में सबसे श्रेष्ठ, ऊँचे कुल और रिश्तेदारों के धन से फूले हुए घमंडी कौरव जब ये कटु वाणियाँ बलराम से कह चुके तो वे अपने नगर वापस चले गये।   |   bhagavat अध्याय 10.68: साम्ब का विवाह   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 68: साम्ब का विवाह  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  10.68.29 
श्रीबादरायणिरुवाच
जन्मबन्धुश्रियोन्नद्धमदास्ते भरतर्षभ ।
आश्राव्य रामं दुर्वाच्यमसभ्या: पुरमाविशन् ॥ २९ ॥
 
 
अनुवाद
श्री बादरायणी ने कहा, हे भारत श्रेष्ठों में सबसे श्रेष्ठ, ऊँचे कुल और रिश्तेदारों के धन से फूले हुए घमंडी कौरव जब ये कटु वाणियाँ बलराम से कह चुके तो वे अपने नगर वापस चले गये।
 
Sri Badarayana said, O best of the Bharatas, when the arrogant Kuru, puffed up with the glory of his high birth and relations, had said these harsh words to Balarama, he went back to his city.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)