Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.68.21: बलरामजी ने कहा - राजा उग्रसेन हमारे स्वामी और राजाओं के भी शासक हैं। तुमलोग एकाग्र चित्त से सुनो जो उन्होंने तुमसे करने को कहा है और फिर उसे तुरंत करो। | bhagavat अध्याय 10.68: साम्ब का विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उग्रसेन: क्षितेशेशो यद् व आज्ञापयत् प्रभु: ।
तदव्यग्रधिय: श्रुत्वा कुरुध्वमविलम्बितम् ॥ २१ ॥
अनुवाद
बलरामजी ने कहा - राजा उग्रसेन हमारे स्वामी और राजाओं के भी शासक हैं। तुमलोग एकाग्र चित्त से सुनो जो उन्होंने तुमसे करने को कहा है और फिर उसे तुरंत करो।
[Balramji said] : King Ugrasen is our master and the ruler of kings. You all should listen with concentration to what he has told you to do and then do it immediately.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥