हस्तिनापुर आने के बाद, बलराम नगर से बाहर एक बगीचे में रुक गए और उन्होंने उद्धव को राजा धृतराष्ट्र के विचारों और उद्देश्यों का पता लगाने के लिए आगे भेज दिया।
Reaching Hastinapur, Balarama stayed in a garden outside the city and sent Uddhava ahead to find out Dhritarashtra's intentions.
तात्पर्य
श्रील प्रभुपाद लिखते हैं: "जब भगवान बलराम हस्तिनापुर की सीमा पर पहुँचे, तो वे शहर में प्रवेश नहीं किया और एक छोटे से बगीचे में शहर के बाहर एक शिविर बनाया। फिर उन्होंने उद्धव को कुरु वंश के नेताओं से मिलने और उनसे पूछने को कहा कि क्या वे यादव वंश के साथ युद्ध करना चाहते हैं या समझौता करना चाहते हैं।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥