Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.68.12: युद्ध में सांब के रथ को नष्ट करके और उसके रथों को नुकसान पहुंचाकर कुरु योद्धाओं ने कड़ी मशक्कत कर उसे बांध लिया और तब वे उस युवराज और अपनी राजकुमारी को लेकर विजय भाव से अपने नगर में प्रवेश कर गए। | bhagavat अध्याय 10.68: साम्ब का विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तं बद्ध्वा विरथीकृत्य कृच्छ्रेण कुरवो युधि ।
कुमारं स्वस्य कन्यां च स्वपुरं जयिनोऽविशन् ॥ १२ ॥
अनुवाद
युद्ध में सांब के रथ को नष्ट करके और उसके रथों को नुकसान पहुंचाकर कुरु योद्धाओं ने कड़ी मशक्कत कर उसे बांध लिया और तब वे उस युवराज और अपनी राजकुमारी को लेकर विजय भाव से अपने नगर में प्रवेश कर गए।
During the war, the Kuru warriors deprived Samba of his chariot and with great difficulty tied him up and then they entered their city victoriously with the prince and their princess.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥