Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.68.11: परन्तु उन्होंने उसे रथ से नीचे उतारने के लिए बाध्य कर दिया और उसके पश्चात् उनमें से चारों ने उसके चारों घोड़ों पर प्रहार किया, एक ने उसके सारथी को नीचे गिरा दिया और दूसरे ने उसका धनुष तोड़ दिया। | bhagavat अध्याय 10.68: साम्ब का विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तं तु ते विरथं चक्रुश्चत्वारश्चतुरो हयान् ।
एकस्तु सारथिं जघ्ने चिच्छेदान्य: शरासनम् ॥ ११ ॥
अनुवाद
परन्तु उन्होंने उसे रथ से नीचे उतारने के लिए बाध्य कर दिया और उसके पश्चात् उनमें से चारों ने उसके चारों घोड़ों पर प्रहार किया, एक ने उसके सारथी को नीचे गिरा दिया और दूसरे ने उसका धनुष तोड़ दिया।
But they forced him to get down from the chariot and then four of them killed his four horses, one killed his charioteer and another broke his bow.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥