श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 67: बलराम द्वारा द्विविद वानर का वध  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  10.67.27 
जयशब्दो नम:शब्द: साधु साध्विति चाम्बरे ।
सुरसिद्धमुनीन्द्राणामासीत् कुसुमवर्षिणाम् ॥ २७ ॥
 
 
अनुवाद
आकाश में देवता, सिद्ध और मुनि निनाद करने लगे, "आपकी विजय हो, आपको नमन है, बहुत बढ़िया, बहुत बढ़िया हुआ!" और उन्होंने भगवान पर फूलों की वर्षा की।
 
In heaven, the gods, Siddhas and sages began to shout, “Victory to you, salutations to you, very good, very good!” and began to shower flowers on the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)