श्रील प्रभुपाद ने इस दृश्य को इस प्रकार वर्णन किया है: "[भगवान कृष्ण ने पाण्ड्रक से कहा, "जब मैं तुम्हें नष्ट कर दूँगा,] मूर्ख राजा, तब तुमको अपना चेहरा शर्म से छिपाना पड़ेगा और जब मेरी चक्र से तुम्हारा सिर तुम्हारे शरीर से कट जाएगा, तो तुम गिद्ध, बाज और चील जैसे मांस खाने वाले पक्षियों से घिरे रहोगे। उस समय, तुम मेरे शरण बनने के बजाय, इन नीच पक्षियों की दया पर निर्भर रहोगे। उस समय तुम्हारा शरीर कुत्तों के लिए फेंक दिया जाएगा, जो उसे बड़े चाव से खाएंगे।'"
