Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.66.7: शुकदेव गोस्वामी ने कहा: राजा उग्रसेन और सभा के अन्य सदस्यों ने जब अज्ञानी पौण्ड्रक के इस व्यर्थ के शेखी बघारने की सुनी, तो वे ज़ोर-ज़ोर से ठहाके मार के हँस पड़े। | bhagavat अध्याय 10.66: पौण्ड्रक—छद्म वासुदेव । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शुकदेव गोस्वामी ने कहा: राजा उग्रसेन और सभा के अन्य सदस्यों ने जब अज्ञानी पौण्ड्रक के इस व्यर्थ के शेखी बघारने की सुनी, तो वे ज़ोर-ज़ोर से ठहाके मार के हँस पड़े।
Sukadeva Goswami said: When King Ugrasena and the other members of the assembly heard this useless boasting of the ignorant Paundraka, they began laughing loudly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥