दूतं च प्राहिणोन्मन्द: कृष्णायाव्यक्तवर्त्मने ।
द्वारकायां यथा बालो नृपो बालकृतोऽबुध: ॥ ३ ॥
अनुवाद
इसलिए मंदबुद्धि राजा पौंड्रक ने अव्यक्त भगवान कृष्ण के पास द्वारका में एक दूत भेजा। पौंड्रक एक ऐसे मूर्ख बालक की तरह व्यवहार कर रहा था जिसे अन्य बच्चे राजा मान लेते हैं।
Therefore the dim-witted Paundraka sent a messenger to the unmanifested Lord Krishna in Dwaraka. Paundraka was behaving like a foolish child whom other children consider a king.
तात्पर्य
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर के अनुसार, शुद्धदेव गोस्वामी ने यहाँ दूसरी बार इसलिये उल्लेख किया कि पौंड्रक ने भगवान कृष्ण को संदेश भिजवाया था, और ये महान ऋषि पौंड्रक की घोर मूर्खता पर आश्चर्यचकित हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥