Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.66.26: हे राजन, जब लोगों ने पहचाना कि यह उनके राजा - काशी के स्वामी - का सिर है, तो उसकी रानियाँ, बेटे और अन्य रिश्तेदार, साथ ही शहर के सभी निवासी “हाय ! हम मारे गये ! हे स्वामी, हे स्वामी !” कह कर विलाप करने लगे । | bhagavat अध्याय 10.66: पौण्ड्रक—छद्म वासुदेव । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राज्ञ: काशीपतेर्ज्ञात्वा महिष्य: पुत्रबान्धवा: ।
पौराश्च हा हता राजन् नाथ नाथेति प्रारुदन् ॥ २६ ॥
अनुवाद
हे राजन, जब लोगों ने पहचाना कि यह उनके राजा - काशी के स्वामी - का सिर है, तो उसकी रानियाँ, बेटे और अन्य रिश्तेदार, साथ ही शहर के सभी निवासी “हाय ! हम मारे गये ! हे स्वामी, हे स्वामी !” कह कर विलाप करने लगे ।
O King, when they recognized that it was the head of their king, the Lord of Kashi, his queens, sons, other relatives and all the inhabitants of the city began to cry, saying, "Alas! We are slain! O Lord, O Lord!"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥