Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.63.5: अपनी नगरी के बाहरी उद्यानों, ऊँची दीवारों, मीनारों और प्रवेशद्वारों को तबाह होता देखकर बाणासुर बहुत क्रोधित हो गया। इसके बाद वह उनके मुकाबले के बराबर सेना लेकर उनके साथ युद्ध करने के लिए निकल पड़ा। | bhagavat अध्याय 10.63: बाणासुर और भगवान् कृष्ण का युद्ध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भज्यमानपुरोद्यानप्राकाराट्टालगोपुरम् ।
प्रेक्षमाणो रुषाविष्टस्तुल्यसैन्योऽभिनिर्ययौ ॥ ५ ॥
अनुवाद
अपनी नगरी के बाहरी उद्यानों, ऊँची दीवारों, मीनारों और प्रवेशद्वारों को तबाह होता देखकर बाणासुर बहुत क्रोधित हो गया। इसके बाद वह उनके मुकाबले के बराबर सेना लेकर उनके साथ युद्ध करने के लिए निकल पड़ा।
Seeing them destroying the outer gardens, high walls, towers and entrance gates of his city, Banasura became very angry and came out to confront them with an army equal to theirs.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥