श्री रुद्र ने कहा: तुम ही एकमात्र परम सत्य, परम प्रकाश और ब्रह्म के शब्दों से प्रकट होने वाले गुह्य रहस्य हो। जिनके हृदय निर्मल हैं, वे तुम्हारा दर्शन कर सकते हैं क्योंकि तुम आकाश की तरह निर्मल हो।
Sri Rudra said: You are the only Supreme Truth, the Supreme Light and the deepest mystery within the literal expression of Brahman. Those who have pure hearts can see You, for You are as pure as the sky.
तात्पर्य
परम तत्व ही सभी प्रकाश का स्रोत है और इसलिए यह स्व प्रकाशित परम प्रकाश है। यह परम तत्व वेदों में गोपनीय रूप से समझाया गया है और इसलिए एक सामान्य पाठक के लिए समझना मुश्किल है। गोपाला-तापनी उपनिषद् से श्रील जीव गोस्वामी द्वारा उद्धृत निम्नलिखित कथन बताते हैं कि वैदिक ध्वनियाँ कभी-कभी परम तत्व को कैसे प्रकट करती हैं: ते होचुर उपासनम एतस्य परात्मनो गोविन्दस्याखिलाधारिणो ब्रूहि (पूर्व-खंड 17): "उन्होंने [चार कुमारों ने] [ब्रह्मा से] कहा, 'कृपया हमें बताएँ कि परम आत्मा और सबके अस्तित्व के आधार, गोविंद की उपासना कैसे करें।'"चेतनाश्चेतनानाम् (पूर्व-खंड 21): "वह सभी जीवों का प्रधान है।" और तं ह देवमात्मा-वृत्ति-प्रकाशम (पूर्व-खंड 23): "कोई उस परम भगवान को पहले अपने स्वयं को साकार करके महसूस करता है।" महान आचार्य जीव गोस्वामी ने श्रीमद- भागवतम (7.10.48) से एक श्लोक भी उद्धृत किया है - गुडम परम ब्रह्म मनुष्य-लिंगम - जो "मानव रूप में छिपे हुए परम तत्व" को संदर्भित करता है। चूँकि भगवान शुद्ध हैं, कुछ लोग कृष्ण के रूप और गतिविधियों को अशुद्ध क्यों मानते हैं? आचार्य जीव बताते हैं कि जिनके अपने हृदय अशुद्ध हैं वे शुद्ध भगवान को समझ नहीं सकते। श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ने आगे श्री हरि-वंश में अर्जुन को स्वयं भगवान के निर्देश को उद्धृत किया है: तत-परं परमं ब्रह्म सर्वं विभजते जगत् ममैव तद् घनं तेजो ज्ञातुमर्हसि भारत "उस [सम्पूर्ण भौतिक प्रकृति] से श्रेष्ठ परम ब्रह्म है, जिससे यह पूरी सृष्टि विस्तारित होती है। हे भरत के वंशज, तुम्हें पता होना चाहिए कि परम ब्रह्म में मेरी सांद्र प्रभा है।" इस प्रकार, अपने भक्त को बचाने के लिए, शिव अब परम भगवान, कृष्ण, उनके शाश्वत पूजनीय गुरु की स्तुति करते हैं। भगवान की विस्मयकारी शक्ति ने शिव को भगवान कृष्ण से लड़ने के लिए प्रेरित किया, लेकिन अब लड़ाई खत्म हो गई है और अपने भक्त को बचाने के लिए भगवान शिव ये सुंदर प्रार्थनाएँ अर्पित करते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥