Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.62.32: जब रक्षक उसे पकड़ने के प्रयास में चारों ओर से उनकी ओर टूट पड़े तो अनिरुद्ध ने उन पर उसी प्रकार प्रहार किया जैसे सूअरों का झुंड कुत्तों पर मुड़कर हमला करता है। उसके प्रहारों से आहत होकर रक्षकगण महल से भाग खड़े हुए। उनके सिर, जांघें और बाजू टूट गए थे। | bhagavat अध्याय 10.62: ऊषा-अनिरुद्ध मिलन । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब रक्षक उसे पकड़ने के प्रयास में चारों ओर से उनकी ओर टूट पड़े तो अनिरुद्ध ने उन पर उसी प्रकार प्रहार किया जैसे सूअरों का झुंड कुत्तों पर मुड़कर हमला करता है। उसके प्रहारों से आहत होकर रक्षकगण महल से भाग खड़े हुए। उनके सिर, जांघें और बाजू टूट गए थे।
When the guards attacked him from all sides in an attempt to catch him, Aniruddha attacked them in the same way as a herd of pigs turns and attacks a dog. The guards, wounded by his attacks, fled from the palace to save their lives. Their heads, thighs and arms were broken.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥