श्री शुकदेव गोस्वामी जी ने कहा: अपने स्वयंवर उत्सव में रुक्मावती ने स्वयं ही प्रद्युम्न को चुना, जो कि साक्षात कामदेव थे। तब सिर्फ़ एक अकेले रथ पर युद्ध करते हुए भी प्रद्युम्न ने इकट्ठा हुए राजाओं को युद्ध में हराया और रुक्मावती को साथ ले गए।
श्री शुकदेव गोस्वामी जी ने कहा: अपने स्वयंवर उत्सव में रुक्मावती ने स्वयं ही प्रद्युम्न को चुना, जो कि साक्षात कामदेव थे। तब सिर्फ़ एक अकेले रथ पर युद्ध करते हुए भी प्रद्युम्न ने इकट्ठा हुए राजाओं को युद्ध में हराया और रुक्मावती को साथ ले गए।