श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती रुक्मिणी के मूड की व्याख्या इस प्रकार करते हैं: "मेरे प्रिय पति, आपका यह आरोप कि मुझमें दृष्टि की कमी है, यह इंगित करता है कि आप स्थिति में मेरी गहरी अंतर्दृष्टि को जानते थे। वास्तव में, मैंने आपको इसलिए चुना क्योंकि मैं आपके सच्चे गौरव से अवगत थी।"
