Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.60.32: शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे राजन, महारानी वैदर्भी सर्वोच्च भगवान के द्वारा पूरी तरह संतुष्ट हो गई और उन्होंने समझ लिया कि भगवान ने उनसे मजाक में बात कही है | इस तरह उनका यह डर चला गया कि उनके प्रियतम उन्हें त्याग देंगे | | bhagavat अध्याय 10.60: रुक्मिणी के साथ कृष्ण का परिहास । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे राजन, महारानी वैदर्भी सर्वोच्च भगवान के द्वारा पूरी तरह संतुष्ट हो गई और उन्होंने समझ लिया कि भगवान ने उनसे मजाक में बात कही है | इस तरह उनका यह डर चला गया कि उनके प्रियतम उन्हें त्याग देंगे |
Sukadeva Goswami said: O King, Queen Vaidarbhi was completely pacified by the Lord and she understood that the Lord had said those words in jest. In this way, her fear that her husband would abandon her was dispelled.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥