अयं हि परमो लाभो गृहेषु गृहमेधिनाम् ।
यन्नर्मैरीयते याम: प्रियया भीरु भामिनि ॥ ३१ ॥
अनुवाद
सबसे बड़ा सुख संसारियों को घर में मिले वह अपनी प्यारी से परिहास करके बीताया गया समय है, हे मेरे श्याम और चंचल।
O timid and fickle, worldly householders, the greatest joy that can be enjoyed at home is the time spent in joking with their beloved ones.
तात्पर्य
'भाामिनी' शब्द क्रोधिल, आवेशपूर्ण और चिड़चिड़ी स्त्री को सूचित करता है। चूँकि सुंदर रुक्मणी किसी भी उकसावे पर क्रोधित नहीं हुई, इसलिए भगवान अभी भी उलाहने दे रहे हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥