vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् भागवतम
»
स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ
»
अध्याय 60: रुक्मिणी के साथ कृष्ण का परिहास
»
श्लोक 18
श्लोक
10.60.18
चैद्यशाल्वजरासन्धदन्तवक्रादयो नृपा: ।
मम द्विषन्ति वामोरु रुक्मी चापि तवाग्रज: ॥ १८ ॥
अनुवाद
हे सुन्दर जांघों वाली भद्रे, सम्राटों जैसे शिशुपाल, शाल्व, जरासंध तथा दन्तवक्र और तुम्हारे बड़े भाई रुक्मी भी मुझसे घृणा करते हैं।
O Bhadre with beautiful thighs, all the kings like Sisupala, Shalva, Jarasandha and Dantavakra hate me, and so does your elder brother Rukmi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×