Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.6.15-17: राक्षसी के मुँह में दाँत हल की कुशी जैसे थे; उसकी नथुने पर्वत-गुफाओं की तरह गहरे थे और उसके स्तन पर्वत से गिरे हुए बड़े बड़े शिलाखण्डों के समान थे। उसके बिखरे बाल ताम्र रंग के थे। उसकी आँखों के गड्ढे गहरे अंधे (भूपट्ट) कुँओं जैसे थे, उसकी भयानक जाँघें नदी के किनारों जैसी थीं; उसके बाजू, टाँगें तथा पाँव बड़े बड़े पुलों की तरह थे तथा उसका पेट सूखी झील की तरह लग रहा था। राक्षसी की चीख से ग्वालों तथा उनकी पत्नियों के हृदय, कान तथा सिर पहले ही दहल चुके थे और जब उन्होंने उसके अद्भुत शरीर को देखा तो वे और भी ज्यादा सहम गये। | bhagavat अध्याय 10.6: पूतना वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ईषामात्रोग्रदंष्ट्रास्यं गिरिकन्दरनासिकम् ।
गण्डशैलस्तनं रौद्रं प्रकीर्णारुणमूर्धजम् ॥ १५ ॥
अन्धकूपगभीराक्षं पुलिनारोहभीषणम् ।
बद्धसेतुभुजोर्वङ्घ्रि शून्यतोयह्रदोदरम् ॥ १६ ॥
सन्तत्रसु: स्म तद्वीक्ष्य गोपा गोप्य: कलेवरम् ।
पूर्वं तु तन्नि:स्वनितभिन्नहृत्कर्णमस्तका: ॥ १७ ॥
अनुवाद
राक्षसी के मुँह में दाँत हल की कुशी जैसे थे; उसकी नथुने पर्वत-गुफाओं की तरह गहरे थे और उसके स्तन पर्वत से गिरे हुए बड़े बड़े शिलाखण्डों के समान थे। उसके बिखरे बाल ताम्र रंग के थे। उसकी आँखों के गड्ढे गहरे अंधे (भूपट्ट) कुँओं जैसे थे, उसकी भयानक जाँघें नदी के किनारों जैसी थीं; उसके बाजू, टाँगें तथा पाँव बड़े बड़े पुलों की तरह थे तथा उसका पेट सूखी झील की तरह लग रहा था। राक्षसी की चीख से ग्वालों तथा उनकी पत्नियों के हृदय, कान तथा सिर पहले ही दहल चुके थे और जब उन्होंने उसके अद्भुत शरीर को देखा तो वे और भी ज्यादा सहम गये।
The demoness had teeth like ploughshares (kushi), her nostrils were as deep as mountain caves and her breasts were like huge boulders fallen from the mountain. Her disheveled hair was copper-coloured. Her eye sockets were like deep blind wells, her terrifying thighs were like riverbanks; her arms, legs and feet were like huge bridges and her belly looked like a dry lake. The demoness' screams had already frightened the cowherds and their wives' hearts, ears and heads and when they saw her amazing body they were even more frightened.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥