जब भगवान कृष्ण कुछ करते हैं, तो वे इसे भव्य तरीके से करते हैं। इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि भगवान एक साथ 16,100 विवाह समारोहों में प्रकट हुए जो 16,100 शाही महलों में हो रहे थे, प्रत्येक महल में उनके सभी रिश्तेदारों के साथ। वास्तव में, इसी तरह से व्यक्ति सर्वोच्च ईश्वर के कार्य करने की अपेक्षा करेगा। आखिरकार, वे एक साधारण मनुष्य नहीं हैं।
श्रील श्रीधर स्वामी आगे बताते हैं कि इस विशेष अवसर पर भगवान ने अपने प्रत्येक महल में अपना मूल रूप प्रकट किया। दूसरे शब्दों में, विवाह की प्रतिज्ञा में भाग लेने के लिए, उन्होंने सभी महलों में समान रूप (प्रकाश) प्रकट किए।
