Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 10.59.34: स्त्रियाँ, पुरुषों में सर्वश्रेष्ठ पुरुष को प्रवेश करते देखकर मोहित हो गईं और उन्होंने मन ही मन उन्हें अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया, क्योंकि वह भाग्यवश वहाँ आये थे।   |   bhagavat अध्याय 10.59: नरकासुर का वध   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 59: नरकासुर का वध  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  10.59.34 
तं प्रविष्टं स्‍त्रियो वीक्ष्य नरवर्यं विमोहिता: ।
मनसा वव्रिरेऽभीष्टं पतिं दैवोपसादितम् ॥ ३४ ॥
 
 
अनुवाद
स्त्रियाँ, पुरुषों में सर्वश्रेष्ठ पुरुष को प्रवेश करते देखकर मोहित हो गईं और उन्होंने मन ही मन उन्हें अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया, क्योंकि वह भाग्यवश वहाँ आये थे।
 
When the women saw the best of men entering, they were fascinated. In their hearts they accepted him, who was brought there by chance, as their intended husband.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)