श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 59: नरकासुर का वध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  10.59.23 
ततश्च भू: कृष्णमुपेत्य कुण्डले
प्रतप्तजाम्बूनदरत्नभास्वरे ।
सवैजयन्त्या वनमालयार्पयत्
प्राचेतसं छत्रमथो महामणिम् ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
तब पृथ्वी देवी भगवान कृष्ण के पास आईं और उन्हें अदिति के कुंडल प्रदान किए, जो चमकीले सोने के बने थे और जिनमें चमकीले रत्न जड़े हुए थे। देवी ने भगवान कृष्ण को एक वैजयन्ती माला, वरुण देवता का छत्र और मंदरा पर्वत की चोटी भी प्रदान की।
 
Then Bhumi Devi came to Lord Krishna and presented the Lord with Aditi's earrings made of shining gold and studded with sparkling gems. She also gave Him a Vaijayanti garland, Varuna's umbrella and the peak of Mount Mandara.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)