Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.59.17-19: तब हे कुरुवीर, भगवान् हरि ने उन सभी अस्त्रों और शस्त्रों को मार गिराया जिन्हें शत्रु सैनिकों ने उन पर फेंका था और हर एक को तीन तेज बाणों से नष्ट कर दिया। इस बीच, भगवान् को उठाकर ले जाते हुए गरुड़ ने अपने पंखों से शत्रु के हाथियों पर प्रहार किया। गरुड़ के पंखों, चोंच और पंजों से प्रहार होने से वे हाथी पीड़ित होकर भागकर नगर के अंदर चले गए, जिससे कृष्ण का सामना करने के लिए युद्धक्षेत्र में केवल नरकासुर ही शेष रहा। | bhagavat अध्याय 10.59: नरकासुर का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यानि योधै: प्रयुक्तानि शस्त्रास्त्राणि कुरूद्वह ।
हरिस्तान्यच्छिनत्तीक्ष्णै: शरैरेकैकशस्त्रिभि: ॥ १७ ॥
उह्यमान: सुपर्णेन पक्षाभ्यां निघ्नता गजान् ।
गुरुत्मता हन्यमानास्तुण्डपक्षनखेर्गजा: ॥ १८ ॥
पुरमेवाविशन्नार्ता नरको युध्ययुध्यत ॥ १९ ॥
अनुवाद
तब हे कुरुवीर, भगवान् हरि ने उन सभी अस्त्रों और शस्त्रों को मार गिराया जिन्हें शत्रु सैनिकों ने उन पर फेंका था और हर एक को तीन तेज बाणों से नष्ट कर दिया। इस बीच, भगवान् को उठाकर ले जाते हुए गरुड़ ने अपने पंखों से शत्रु के हाथियों पर प्रहार किया। गरुड़ के पंखों, चोंच और पंजों से प्रहार होने से वे हाथी पीड़ित होकर भागकर नगर के अंदर चले गए, जिससे कृष्ण का सामना करने के लिए युद्धक्षेत्र में केवल नरकासुर ही शेष रहा।
O hero of the Kurus, Lord Hari then struck down all the weapons and arms that the enemy soldiers had hurled at Him and destroyed each one with three sharp arrows. Meanwhile, Garuda, carrying the Lord, struck the enemy elephants with his wings. These elephants, tormented by Garuda's wings, beaks and claws, fled into the city, leaving only Narakasura on the battlefield to face Krishna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥