Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.59.16: उस समय भगवान् गदाग्रज ने अपने पैने तीर भौमासुर की सेना पर छोड़े। विविध प्रकार के पंखों से सुशोभित ये तीर उस सेना को क्षणभर में ही कई कटी-फटी भुजाओं, जंघाओं और गर्दनों वाले शवों के ढेर में बदलकर रख दिया था। इसी तरह कृष्ण ने विपक्षी पक्ष के घोड़ों और हाथियों को भी मौत के घाट उतार दिया। | bhagavat अध्याय 10.59: नरकासुर का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तद् भौमसैन्यं भगवान् गदाग्रजो
विचित्रवाजैर्निशितै: शिलीमुखै: ।
निकृत्तबाहूरुशिरोध्रविग्रहं
चकार तर्ह्येव हताश्वकुञ्जरम् ॥ १६ ॥
अनुवाद
उस समय भगवान् गदाग्रज ने अपने पैने तीर भौमासुर की सेना पर छोड़े। विविध प्रकार के पंखों से सुशोभित ये तीर उस सेना को क्षणभर में ही कई कटी-फटी भुजाओं, जंघाओं और गर्दनों वाले शवों के ढेर में बदलकर रख दिया था। इसी तरह कृष्ण ने विपक्षी पक्ष के घोड़ों और हाथियों को भी मौत के घाट उतार दिया।
At that moment Lord Gadagaraja shot His sharp arrows at Bhaumaasur's army. These arrows, equipped with various kinds of feathers, turned that army into a heap of bodies with arms, thighs and necks cut off. In the same way, Krishna killed the opposing horses and elephants.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥