Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.59.15: गरुड़ पर सवार श्री कृष्ण और उनकी पत्नी सूर्य के ऊपर चमकती बिजलियों वाले बादल जैसे दिखाई पड़ रहे थे । भगवान को देखते ही भौम ने उनके ऊपर अपना शतघ्नी नामक हथियार छोड़ दिया। इसके बाद भौम के सारे सैनिकों ने एक साथ अपने-अपने हथियारों से हमला कर दिया । | bhagavat अध्याय 10.59: नरकासुर का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दृष्ट्वा सभार्यं गरुडोपरि स्थितं
सूर्योपरिष्टात् सतडिद् घनं यथा ।
कृष्णं स तस्मै व्यसृजच्छतघ्नीं
योधाश्च सर्वे युगपच्च विव्यधु: ॥ १५ ॥
अनुवाद
गरुड़ पर सवार श्री कृष्ण और उनकी पत्नी सूर्य के ऊपर चमकती बिजलियों वाले बादल जैसे दिखाई पड़ रहे थे । भगवान को देखते ही भौम ने उनके ऊपर अपना शतघ्नी नामक हथियार छोड़ दिया। इसके बाद भौम के सारे सैनिकों ने एक साथ अपने-अपने हथियारों से हमला कर दिया ।
Lord Krishna and His wife, seated on Garuda, appeared like lightning-filled clouds covering the sun. Seeing the Lord, Bhauma shot his Shataghani weapon at Him. Thereupon all of Bhauma's soldiers attacked Him simultaneously with their weapons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥