श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण का पाँच राजकुमारियों से विवाह  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  10.58.55 
पारिबर्हमुपागृह्य द्वारकामेत्य सत्यया ।
रेमे यदूनामृषभो भगवान् देवकीसुत: ॥ ५५ ॥
 
 
अनुवाद
तब यदुवंश के मुख्य भगवान देवकीसुत दहेज तथा सत्या को लेकर द्वारका गये और वहाँ सुखपूर्वक निवास करने लगे।
 
Then Lord Devakisut, the chief of the Yadavas, went to Dwaraka with dowry and Satya and started living there happily.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)