Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.58.49: शंख, तुरही और ढोल बजने लगे, साथ ही गाने बजाने की आवाज़ और ब्राह्मणों द्वारा आशीर्वाद देने की ध्वनियों ने वातावरण को और भी खुशनुमाल बना दिया। खुशियाँ मना रहे पुरुषों और महिलाओं ने खुद को सुंदर कपड़ों और मालाओं से सजाया। | bhagavat अध्याय 10.58: श्रीकृष्ण का पाँच राजकुमारियों से विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शंख, तुरही और ढोल बजने लगे, साथ ही गाने बजाने की आवाज़ और ब्राह्मणों द्वारा आशीर्वाद देने की ध्वनियों ने वातावरण को और भी खुशनुमाल बना दिया। खुशियाँ मना रहे पुरुषों और महिलाओं ने खुद को सुंदर कपड़ों और मालाओं से सजाया।
Along with songs and musical instruments and the sounds of blessings by the Brahmins, the sound of conches, trumpets and drums were heard. The delighted men and women adorned themselves with beautiful clothes and garlands.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥