इन शर्तों को सुनकर, भगवान ने अपने वस्त्र कस लिए, अपने आपको सात रूपों में बढ़ा लिया और बड़ी आसानी से बैलों को अपने वश में कर लिया।
On hearing these conditions, the Lord tightened His garments, expanded Himself into seven forms, and subdued the bulls with great ease.
तात्पर्य
श्रील श्रीधर स्वामी के अनुसार, भगवान कृष्ण ने स्वयं को सात स्वरूपों में इसलिए नहीं विस्तारित किया कि वे केवल सात बैलों को खेल-खेल में हराना चाहते थे, बल्कि वे राजकुमारी सत्य को यह भी दिखाना चाहते थे कि उसे उनकी अन्य रानियों से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि वे सभी के साथ एक साथ विराजमान हो सकते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥