Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.58.39: श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे कुरुवंशी, भगवान प्रसन्न थे, और एक आरामदायक आसन ग्रहण कर उन्होंने मुस्कुराते हुए राजा से गहरी, मेघ गर्जन जैसी आवाज में कहा। | bhagavat अध्याय 10.58: श्रीकृष्ण का पाँच राजकुमारियों से विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे कुरुवंशी, भगवान प्रसन्न थे, और एक आरामदायक आसन ग्रहण कर उन्होंने मुस्कुराते हुए राजा से गहरी, मेघ गर्जन जैसी आवाज में कहा।
Shukadeva Goswami said: O Kurunandana, the Lord was pleased and after accepting the comfortable seat, he smiled and spoke to the king in a calm and serious voice like thunder.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥