Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.58.38: राजा नग्नजित ने पहले तो भगवान की समुचित पूजा की और तब उन्हें सम्बोधित किया, “हे नारायण, हे विश्व के स्वामी, आप अपनी आध्यात्मिक महिमा से पूर्ण रहते हैं। अत: यह तुच्छ व्यक्ति आपके लिए क्या कर सकता है?” | bhagavat अध्याय 10.58: श्रीकृष्ण का पाँच राजकुमारियों से विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा नग्नजित ने पहले तो भगवान की समुचित पूजा की और तब उन्हें सम्बोधित किया, “हे नारायण, हे विश्व के स्वामी, आप अपनी आध्यात्मिक महिमा से पूर्ण रहते हैं। अत: यह तुच्छ व्यक्ति आपके लिए क्या कर सकता है?”
First of all King Nagnajit performed the proper worship of the Lord and then addressed Him, "O Narayana, O Lord of the universe, You are perfect in Your spiritual bliss. So what can this insignificant person do for You?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥