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श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण का पाँच राजकुमारियों से विवाह  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  10.58.23 
तथावदद् गुडाकेशो वासुदेवाय सोऽपि ताम् ।
रथमारोप्य तद् विद्वान् धर्मराजमुपागमत् ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
[शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा] : अर्जुन ने यह सब वासुदेव को बताया, जो पहले से ही इस बात से अवगत थे। तब प्रभु ने कालिंदी को अपने रथ पर बैठाया और राजा युधिष्ठिर से मिलने वापस चले गए।
 
[Śukadeva Gosvāmī continued] : Arjuna related all these things to Vāsudeva, who was already aware of them. The Lord then placed Kālindī on His chariot and went back to meet King Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)