Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.58.19: [अर्जुन ने कहा] : हे मृदुमध्यमा, तुम कौन हो? तुम किसकी पुत्री हो और तुम कहाँ से आई हो? तुम यहाँ क्या कर रही हो? मुझे लगता है कि तुम्हें पति की तलाश है। हे सुन्दरी, मुझे सब कुछ बताओ। | bhagavat अध्याय 10.58: श्रीकृष्ण का पाँच राजकुमारियों से विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
का त्वं कस्यासि सुश्रोणि कुतो वा किं चिकीर्षसि ।
मन्ये त्वां पतिमिच्छन्तीं सर्वं कथय शोभने ॥ १९ ॥
अनुवाद
[अर्जुन ने कहा] : हे मृदुमध्यमा, तुम कौन हो? तुम किसकी पुत्री हो और तुम कहाँ से आई हो? तुम यहाँ क्या कर रही हो? मुझे लगता है कि तुम्हें पति की तलाश है। हे सुन्दरी, मुझे सब कुछ बताओ।
[Arjuna said] : O fair-waisted one, who are you? Whose daughter are you and where have you come from? What are you doing here? I think you are seeking a husband. O beautiful one, tell me everything.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥