श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं कि चूंकि सत्राजित का कोई बेटा नहीं था, चूंकि उनकी पत्नियां उनके साथ मारी गई थीं, और चूंकि उनकी बेटी सत्यभामा को स्यमंतक मणि, जो कि विरासत थी, में कोई दिलचस्पी नहीं थी, यह उनके बेटों के अधिकार में था।
कृष्ण में, परमेश्वर व्यक्तित्व, श्रील प्रभुपाद बताते हैं: "भगवान कृष्ण ने इस कथन से संकेत दिया कि सत्यभामा पहले से ही गर्भवती थी और उसका बेटा मणि का असली दावेदार होगा और निश्चित रूप से अक्रूर से मणि ले जाएगा।"
