इस अवसर का लाभ उठाकर हे राजा, अक्रूर और कृतवर्मा शतधन्वा के पास गए और उनसे कहा, "क्यों न स्यमंतक मणि ले ली जाए?"
Taking advantage of this opportunity, O king, Akrura and Kritavarma went to Shatadhanva and said to him, “Why not seize the Syamantaka gem?”
तात्पर्य
अक्रूर और कृतवर्मा ने तर्क दिया कि चूँकि श्री Krishna और बलराम दोनों द्वारका में मौजूद नहीं हैं, इसलिए सत्राजित को मारकर गहना चुराया जा सकता है। श्रील श्रीधर स्वामी ने उल्लेख किया है कि ये दोनों शतध्न्वा को यह कहकर भड़काते होंगे कि "तुम हमसे बहुत अधिक बहादुर हो। इसलिए तुम उसे मार डालो।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥