Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 10.57.28: तब प्रभु श्रीकृष्ण ने अपने स्वर्गीय सम्बन्धी सत्राजित के लिए विविध अन्तिम संस्कार सम्पन्न करवाए। भगवान स्वयं अपने परिवार के शुभचिन्तकों के साथ शोकसभा और शवयात्रा में उपस्थित हुए।   |   bhagavat अध्याय 10.57: सत्राजित की हत्या और मणि की वापसी   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 57: सत्राजित की हत्या और मणि की वापसी  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  10.57.28 
तत: स कारयामास क्रिया बन्धोर्हतस्य वै ।
साकं सुहृद्भ‍िर्भगवान् या या: स्यु: साम्परायिकी: ॥ २८ ॥
 
 
अनुवाद
तब प्रभु श्रीकृष्ण ने अपने स्वर्गीय सम्बन्धी सत्राजित के लिए विविध अन्तिम संस्कार सम्पन्न करवाए। भगवान स्वयं अपने परिवार के शुभचिन्तकों के साथ शोकसभा और शवयात्रा में उपस्थित हुए।
 
Lord Krishna then performed various funeral rites for His dead relative Satrajit. The Lord joined the funeral procession along with the well-wishers of the family.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)