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bhagavat 10.57.14: अपनी याचना खारिज होने के बाद शतधन्वा अक्रूर के पास गया और अपनी रक्षा के लिए उनसे प्रार्थना की। किन्तु अक्रूर ने भी उसी तरह उससे कहा, "ऐसा कौन है जो उन दोनों विभुओं की ताकत जानकर उनका विरोध करेगा?"   |   bhagavat अध्याय 10.57: सत्राजित की हत्या और मणि की वापसी   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 57: सत्राजित की हत्या और मणि की वापसी  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  10.57.14 
प्रत्याख्यात: स चाक्रूरं पार्ष्णिग्राहमयाचत ।
सोऽप्याह को विरुध्येत विद्वानीश्वरयोर्बलम् ॥ १४ ॥
 
 
अनुवाद
अपनी याचना खारिज होने के बाद शतधन्वा अक्रूर के पास गया और अपनी रक्षा के लिए उनसे प्रार्थना की। किन्तु अक्रूर ने भी उसी तरह उससे कहा, "ऐसा कौन है जो उन दोनों विभुओं की ताकत जानकर उनका विरोध करेगा?"
 
When his plea was rejected, Shatdhanva went to Akrura and begged him to protect him. But Akrura also said to him in the same way: Who is there who will oppose those two great men knowing their strength?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)