Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.57.11: यह जानकर कि भगवान श्री कृष्ण उसे मारने जा रहे हैं शतधन्वा भयभीत हो उठा। अपने प्राण बचाने के लिए वह कृतवर्मा के पास गया और सहायता मांगी, किन्तु कृतवर्मा ने उत्तर दिया। | bhagavat अध्याय 10.57: सत्राजित की हत्या और मणि की वापसी । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सोऽपि कृतोद्यमं ज्ञात्वा भीत: प्राणपरीप्सया ।
साहाय्ये कृतवर्माणमयाचत स चाब्रवीत् ॥ ११ ॥
अनुवाद
यह जानकर कि भगवान श्री कृष्ण उसे मारने जा रहे हैं शतधन्वा भयभीत हो उठा। अपने प्राण बचाने के लिए वह कृतवर्मा के पास गया और सहायता मांगी, किन्तु कृतवर्मा ने उत्तर दिया।
Knowing that Lord Krishna was preparing to kill him, Shatadhanva became frightened. To save his life, he went to Kritavarma and asked for his help but Kritavarma replied as follows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥