श्रीबादरायणिरुवाच
विज्ञातार्थोऽपि गोविन्दो दग्धानाकर्ण्य पाण्डवान् ।
कुन्तीं च कुल्यकरणे सहरामो ययौ कुरून् ॥ १ ॥
अनुवाद
श्री बादरायण जी ने कहा: यद्यपि जो कुछ घटा था भगवान गोविंद उससे पूरी तरह अवगत थे, तिस पर भी जब उन्होंने यह समाचार सुना कि पाण्डव और महारानी कुंती जल कर मर चुके हैं, तो वे कुल-रीति को पूरा करने के लिए बलराम जी के साथ कुरुओं के राज्य में गए।
Sri Badarayani said: Although Lord Govinda was fully aware of all that had happened, when he heard the news that the Pandavas and Queen Kunti had been burned to death, he went to the kingdom of the Kurus with Balarama to fulfill the tradition of the family.
तात्पर्य
प्रभु जानते थे कि पाण्डवों को दुर्योधन की हत्या की योजना से बच निकला था , हालांकि दुनिया ने झूठी यह खबर सुनी थी कि पाण्डव और उनकी माता आग में जलकर मर गए थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥