Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.56.8: हे प्रभु! अब तीनों लोकों के प्रमुख देवता आपको खोज निकलने में उत्सुक हैं क्योंकि आपने अपने को यदुवंशियों के बीच छिपा रखा है। इसलिए अजन्मा सूर्यदेव भी आपका दर्शन करने यहाँ आए हुए हैं। | bhagavat अध्याय 10.56: स्यमन्तक मणि । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नन्वन्विच्छन्ति ते मार्गं त्रिलोक्यां विबुधर्षभा: ।
ज्ञात्वाद्य गूढं यदुषु द्रष्टुं त्वां यात्यज: प्रभो ॥ ८ ॥
अनुवाद
हे प्रभु! अब तीनों लोकों के प्रमुख देवता आपको खोज निकलने में उत्सुक हैं क्योंकि आपने अपने को यदुवंशियों के बीच छिपा रखा है। इसलिए अजन्मा सूर्यदेव भी आपका दर्शन करने यहाँ आए हुए हैं।
O Lord, now the most exalted deities of the three worlds are anxious to find you because you have hidden yourself among the Yaduvanshis. Therefore, the unborn Sun God has come here to see you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥