Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.56.6: द्वारकावासियों ने कहा: हे नारायण, हे शंख, चक्र तथ गदा धारण करने वाले, हे कमल के समान नेत्रों वाले दामोदर, हे गोविन्द, हे यदुवंशियों के वंशज, आपको प्रणाम है। | bhagavat अध्याय 10.56: स्यमन्तक मणि । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारायण नमस्तेऽस्तु शङ्खचक्रगदाधर ।
दामोदरारविन्दाक्ष गोविन्द यदुनन्दन ॥ ६ ॥
अनुवाद
द्वारकावासियों ने कहा: हे नारायण, हे शंख, चक्र तथ गदा धारण करने वाले, हे कमल के समान नेत्रों वाले दामोदर, हे गोविन्द, हे यदुवंशियों के वंशज, आपको प्रणाम है।
[The residents of Dvaraka said] : O Narayana, O bearer of conch, discus and mace, O lotus-eyed Damodara, O Govinda, O descendant of Yadu, salutations to You.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥