Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.56.36: जब नगरवासी देवी की पूजा समाप्त कर चुके तो उन्होंने उनसे कहा कि तुम्हारी प्रार्थना स्वीकार कर ली गई है। तभी श्री कृष्ण, जिन्होंने अपना उद्देश्य पूरा कर लिया था, अपनी नई पत्नी के साथ उनके सामने प्रकट हुए और उन्हें खुशी से भर दिया। | bhagavat अध्याय 10.56: स्यमन्तक मणि । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेषां तु देव्युपस्थानात् प्रत्यादिष्टाशिषा स च ।
प्रादुर्बभूव सिद्धार्थ: सदारो हर्षयन् हरि: ॥ ३६ ॥
अनुवाद
जब नगरवासी देवी की पूजा समाप्त कर चुके तो उन्होंने उनसे कहा कि तुम्हारी प्रार्थना स्वीकार कर ली गई है। तभी श्री कृष्ण, जिन्होंने अपना उद्देश्य पूरा कर लिया था, अपनी नई पत्नी के साथ उनके सामने प्रकट हुए और उन्हें खुशी से भर दिया।
When the citizens of the city finished worshipping the Goddess, she told them that their prayers are accepted. Then Lord Krishna, having accomplished his goal, appeared before them with his new wife and filled them with joy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥