Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.56.25: भगवान कृष्ण के मुक्कों के प्रहार से जाम्बवान की उभरी हुई मांसपेशियाँ कुचल गईं, उसका बल कम होने लगा और अंग पसीने से तर हो गए। वह बहुत चकित हुआ और भगवान से बोला। | bhagavat अध्याय 10.56: स्यमन्तक मणि । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृष्णमुष्टिविनिष्पातनिष्पिष्टाङ्गोरुबन्धन: ।
क्षीणसत्त्व: स्विन्नगात्रस्तमाहातीव विस्मित: ॥ २५ ॥
अनुवाद
भगवान कृष्ण के मुक्कों के प्रहार से जाम्बवान की उभरी हुई मांसपेशियाँ कुचल गईं, उसका बल कम होने लगा और अंग पसीने से तर हो गए। वह बहुत चकित हुआ और भगवान से बोला।
Jambavan's protruding muscles were crushed by Lord Krishna's punches, his strength began to diminish and his body became drenched with sweat, and he was extremely astonished and spoke to the Lord.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥