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bhagavat 10.56.19: भगवान ने ऋक्षराज की भयानक और घोर अंधेरी गुफा के बाहर प्रजा को बिठा दिया, और फिर वो अकेले ही गुफा के अंदर दाखिल हो गये।   |   bhagavat अध्याय 10.56: स्यमन्तक मणि   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 56: स्यमन्तक मणि  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  10.56.19 
ऋक्षराजबिलं भीममन्धेन तमसावृतम् ।
एको विवेश भगवानवस्थाप्य बहि: प्रजा: ॥ १९ ॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने ऋक्षराज की भयानक और घोर अंधेरी गुफा के बाहर प्रजा को बिठा दिया, और फिर वो अकेले ही गुफा के अंदर दाखिल हो गये।
 
The Lord made the citizens sit outside the fearful, dark cave of the Rishraj and entered inside alone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)