Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.55.31: [श्रीमती रुक्मिणीदेवी ने कहा] नर रत्न में यह कमल नेत्रों वाला कौन है? किस पुरुष के पुत्र हैं और किसने इन्हें गर्भ में धारण किया है? और कौन है यह स्त्री जिसे इन्होंने पत्नी बनाया है? | bhagavat अध्याय 10.55: प्रद्युम्न-कथा । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
को न्वयं नरवैदूर्य: कस्य वा कमलेक्षण: ।
धृत: कया वा जठरे केयं लब्धा त्वनेन वा ॥ ३१ ॥
अनुवाद
[श्रीमती रुक्मिणीदेवी ने कहा] नर रत्न में यह कमल नेत्रों वाला कौन है? किस पुरुष के पुत्र हैं और किसने इन्हें गर्भ में धारण किया है? और कौन है यह स्त्री जिसे इन्होंने पत्नी बनाया है?
[Shrimati Rukmini Devi said] : Who is this lotus-eyed gem among men? Whose son is he and which woman conceived him? And who is this woman whom he has made his wife?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥