Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.55.26: हे राजन् ! जब प्रद्युम्न और उनकी पत्नी आकाश से कृष्ण के सर्वोत्कृष्ट महलों के भीतरी भाग में उतरे, वे बिजली से युक्त बादल जैसे प्रतीत हो रहे थे, जो सुंदर स्त्रियों से भरे थे। | bhagavat अध्याय 10.55: प्रद्युम्न-कथा । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन् ! जब प्रद्युम्न और उनकी पत्नी आकाश से कृष्ण के सर्वोत्कृष्ट महलों के भीतरी भाग में उतरे, वे बिजली से युक्त बादल जैसे प्रतीत हो रहे थे, जो सुंदर स्त्रियों से भरे थे।
O King, when Pradyumna and his wife descended from the sky into the inner chambers of Krishna's most excellent palace, which were filled with beautiful women, they appeared like clouds tinged with lightning.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥