श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 54: कृष्ण-रुक्मिणी विवाह  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  10.54.59 
रुक्‍मिण्या हरणं श्रुत्वा गीयमानं ततस्तत: ।
राजानो राजकन्याश्च बभूवुर्भृशविस्मिता: ॥ ५९ ॥
 
 
अनुवाद
हर जगह गीत के रूप में गाए जा रहे रुक्मिणी अपहरण के बारे में सुनकर सम्राट और उनकी पुत्रियां मंत्रमुग्ध हो गई थीं।
 
हर जगह गीत के रूप में गाए जा रहे रुक्मिणी अपहरण के बारे में सुनकर सम्राट और उनकी पुत्रियां मंत्रमुग्ध हो गई थीं।
 ✨ ai-generated