Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.54.57: विवाह समारोह में अतिथि बनकर आए प्रिय राजाओं के मदमस्त हाथियों ने नगर की सड़कों पर पानी का छिड़काव किया। इतना ही नहीं, इन हाथियों ने सभी द्वारों पर केले के तने और सुपारी के वृक्ष रखकर नगरी की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया। | bhagavat अध्याय 10.54: कृष्ण-रुक्मिणी विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विवाह समारोह में अतिथि बनकर आए प्रिय राजाओं के मदमस्त हाथियों ने नगर की सड़कों पर पानी का छिड़काव किया। इतना ही नहीं, इन हाथियों ने सभी द्वारों पर केले के तने और सुपारी के वृक्ष रखकर नगरी की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया।
The streets of the city were sprinkled by the unbridled elephants that belonged to the beloved kings who had come as guests on the occasion of the wedding. These elephants had further enhanced the beauty of the city by placing banana trunks and betel nut trees at all the gates.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥