Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.54.42: [बलराम ने रुक्मिणी से कहा] : तुम्हारी दृष्टिकोण सही नहीं है, क्योंकि तुम एक मूर्ख की तरह उनका भला चाहती हो जो सभी प्राणियों के प्रति शत्रुतापूर्ण हैं और जिन्होंने तुम्हारे सच्चे शुभचिंतकों के साथ बुरा व्यवहार किया है। | bhagavat अध्याय 10.54: कृष्ण-रुक्मिणी विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
[बलराम ने रुक्मिणी से कहा] : तुम्हारी दृष्टिकोण सही नहीं है, क्योंकि तुम एक मूर्ख की तरह उनका भला चाहती हो जो सभी प्राणियों के प्रति शत्रुतापूर्ण हैं और जिन्होंने तुम्हारे सच्चे शुभचिंतकों के साथ बुरा व्यवहार किया है।
[Balarama said to Rukmini]: Your attitude is not correct because, like an ignorant person, you wish well for those who are inimical to all living entities and who have wronged your real well-wishers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥