श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 54: कृष्ण-रुक्मिणी विवाह  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  10.54.29 
परिघं पट्टिशं शूलं चर्मासी शक्तितोमरौ ।
यद् यदायुधमादत्त तत्सर्वं सोऽच्छिनद्धरि: ॥ २९ ॥
 
 
अनुवाद
रुक्मी ने कोई भी हथियार उठाया हो, चाहे वह परिघ हो, पट्टिश हो, त्रिशूल हो, ढाल हो, तलवार हो या शक्ति अथवा तोमर हो, भगवान हरि ने उसे चकनाचूर कर दिया।
 
Whatever weapons Rukmi picked up - Parigha, Pattish, Trishul, Shield and Sword, Shakti and Tomar - Lord Hari shattered them into pieces.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)